Skip to main content

Posts

Showing posts from February, 2026

कुछ दोस्त बहुत याद आते है

कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं कभी गुज़रे पलों से पूछता हूँ तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं। कक्षा एक से आठ तक देखूँ तो गाँव की गलियाँ, बस्ते का बोझ और नंगे पाँव की दौड़ बहुत याद आते हैं। आठ से दस का दौर जो सोचूँ तो शहर की कक्षाएँ, कोचिंग की मस्ती, अंगड़ाई लेती उम्मीदें मन को छू जाती हैं। कुछ दोस्त हरदम दिल में कसक छोड़ जाते हैं, गुज़रे पलों को याद करूँ तो दोस्त बहुत याद आते हैं। कॉलेज का अल्हड़ जीवन, शहर बदल जाते हैं, दोस्तों संग विषय से आगे बढ़कर पॉलिटिक्स, समाज और विचारों में उतर जाते हैं। ज्ञान से आगे समाज को समझने के कदम बढ़ जाते हैं, गुज़रे पल याद करूँ तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं। प्रेम-प्रसंग की हल्की छाप आज भी आनंद में भिगो जाती है, दोस्तों संग की गप्पें, वो छोटे-छोटे मोमेंट हर रोज़ दिल को छू जाती हैं। गुज़रे पलों को याद करूँ तो रोम-रोम पुलकित हो जाता है, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं। शाम का खेल, दोस्तों संग की अठखेलियाँ आज भी आँखें नम कर जाती हैं, गुज़रे पल याद करूँ तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं… बहुत याद आते हैं।