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Showing posts from October, 2025

पिया , तूही मोर सजना हो

प्रिय ,तूही मोर सजना हो ,   तूही मोर प्राण हो l  आंखों की कजरा कहे  माथे की बिंदिया कहे  कानों की बाली,  बालों की गजरा कहे , मेरे सोलह श्रृंगार के  तूही मोर दर्पण हो ,  दिल के धड़कन हो  , तूही मोर सजना हो l प्रिय, तूही मोर प्राण हो l सच कह रही हूं ,  कुछ न चाही ,  यही मेरी इच्छा है l अखियां के सामने रहो  तूही मोर सजना हो,  तूही मोर प्राण हो  दिल के धड़कन हो l         जवाब  रानी तूही मोर खजाना हो तूही मोर हीरा रत्न  हो  रून झुन पायल बजे  सुन मोर मनवा सजे रतिया में आने वाली तूही मोर मीठा सपना हो l रानी , मेरी सजनी हो तूही मोर मीठा रत्न हो l अखियां नशीला लगे , फीका सब इसके आगे लगे , विनोद का सोचले , आखिर रमन हो सच कह रहा हूं रानी मोर खजाना हो हीरा रत्न हो l दिल की धड़कन हो l