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पिया , तूही मोर सजना हो

प्रिय ,तूही मोर सजना हो , 
 तूही मोर प्राण हो l 

आंखों की कजरा कहे 
माथे की बिंदिया कहे 
कानों की बाली, 
बालों की गजरा कहे ,

मेरे सोलह श्रृंगार के 
तूही मोर दर्पण हो , 
दिल के धड़कन हो  ,

तूही मोर सजना हो l
प्रिय, तूही मोर प्राण हो l

सच कह रही हूं , 
कुछ न चाही , 
यही मेरी इच्छा है l
अखियां के सामने रहो 
तूही मोर सजना हो,
 तूही मोर प्राण हो 
दिल के धड़कन हो l

        जवाब 
रानी तूही मोर खजाना हो
तूही मोर हीरा रत्न  हो 
रून झुन पायल बजे 
सुन मोर मनवा सजे
रतिया में आने वाली
तूही मोर मीठा सपना हो l

रानी , मेरी सजनी हो
तूही मोर मीठा रत्न हो l

अखियां नशीला लगे ,
फीका सब इसके आगे लगे ,
विनोद का सोचले , आखिर रमन हो
सच कह रहा हूं
रानी मोर खजाना हो
हीरा रत्न हो l
दिल की धड़कन हो l

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