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"अमवा के मोजरा से रस टपके "


अमवा के मोजरा से रस टपके जैसे,
वैसे ही तेरा प्यार दिल में घुले।
तेरे होठों की लाली से मीठास बरसे,
छू ले जो दिल को, ये एहसास खुले l 

चाँद सा चेहरा, उजली सी धूप,
तेरे बिना सूना लगे हर एक रूप।
तेरी नज़र जब मुझसे मिलती,
धीरे-धीरे धड़कन भी खिलती…

तेरी खुशबू हवा में घुल जाए,
हर पल तेरा नाम ही गुनगुनाए।
तेरा स्पर्श जैसे कोई जादू,
दिल को बना दे मीठा सा काबू l 

अमवा के मोजरा से रस टपके जैसे,
वैसे ही तेरा प्यार दिल में घुले।
तेरे होठों की लाली से मीठास बरसे,
छू ले जो दिल को, ये एहसास खुले l 

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