सदियों का इतिहास हमारा , प्रीत हमारी संस्कृति है I
ऋषि -मुनियो का देश हमारा , पुराणो की कृति है I
वेद हमारे विज्ञानं की भासा, मानवता हमारी संस्कृति है I
देश हमारा प्यारा सबसे, प्यारी मेरी धरती है I
प्रेम हमारा जीवन दर्शन , न्याय हमारी नीति है I
पूजन करते मानव ही नहीं , पत्थर पानी पौधों की भी स्तुति है I
बसुधैव् कुटुंबकम नारा हमारा , अतिथिl देवो भव की रीती है I
देश हमारा प्यारा सबसे, प्यारी मेरी धरती है I
मौसम मेरे प्यारे इतने , पुलकित करते रहते है I
जाड़ा गर्मी बरसात बसंत त्ररतुओ के परिवर्तन है I
त्योहारो के मौसम , उमंग बिखरते रहे है I
देश हमारा प्यारा सबसे, प्यारी मेरी धरती है I
हिन्दू हिंदुस्तान की सभ्यता, बौद्ध , जैन, सिख की धर्मस्थली है I
मुस्लिम, ईसाई, यहूदी यहां की धर्मनिरपेक्ष छवि है I
मिलकर हम सब हरदम गाये, हिंदुस्तान हमारा सब देशो से न्यारा है I
प्रीत हमारा सबको भावे यही हमारी नियति है,
देश हमारा प्यारा सबसे, प्यारी मेरी धरती है I
विनोद निकुंभ
उम्दा रचना
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