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प्रेम शायरी

जुल्फों की घटाओ में मृगनैनी नक्श का दीदार हुआ,     घटा ऐसी बंधी बिन बादल के ही तपती धारा को जलधारा का प्यार मिला।

मिट्टी की सुगंध सोंधी सोंधी है 

क्योंकि बादल अभी वर्षा है ।

तुम्हारे का शहर का मौसम , 

हमारे शहर जैसा है।

                  विनोद

सांस के गीत को सांस गुन ले अगर

आंखो की शीप से आंसू चुन ले अगर

प्रेम का पूर्ण संवाद हो जायेगा

मौन ने जो  कहा मौन सुने ले अगर 

          अंकिता सिंह

See your hot beauty an air is blowing in the Heart.
kisses of your lips has filled the fire in  the  Heart.


घायल  है हम भी देखकर 
तुम्हारी इस कातिल अदाओं को,
चक्कर में न आयेंगे 
तुम्हारी इन घनचक्करीअदाओं से।।

दिल की ख्वाइशों को बंदिशों में क्या बांधना
वो हमे मांग लेते हम तुम्हे मांग लेते।।

तेरी जुल्फों की घटाओ में मन मोर बनकर नाच रहा है ।
तुम्हारे कपोलो की सुंदरता में तीखे नैन नक्श चांदनी की  की आभा बिखेर रहे है ।  
 मन बेहाल हो रहा है अधरो की धार से प्यास बुझाने को।
नैन नित राहे देख रही है ,
आ जाओ आगोश में  बाहें फैलाए बैठे है ।




प्रकृति के प्रांगण की छठा में जीवन का सुकून है ।

प्रकृति की प्रांगण का ही तो अब आस है,
इस बवंडर में शहर में तो कोहराम है,
सुन्नी गलियां हो रही वीरान है।


नज़्म बनके ला रही सन्नाटा,
 गजल बनके , 
तोड़ रही ये सपनो का सन्नाटा,
चुपचाप यूं ही पड़ो ना मुंह फेर के,
सपने आ जाए तो राते गुलजार हो जाय।

मन हल्का  मेघों सा हो,
हल्की हल्की बूंदों मे,
तन झूम उठे आनंदित हो,
दिल की मिट्टी है नम,
धीरे चल , आहिस्ता चल ,
पल पल की खबर रख, 
दिल को भींगो कर ,
दिल में ही घर कर।

दिख जाय मुस्कान से भरी
लभालभ  भाव भंगिमा 
दुखो का पहाड़ भी आ जाय
हंसते हंसाते बीत जाय।

रूठने मनाने का सिलसिला
 यूंही चलता रहेगा।
दिल लगाया है तो
 ख्वाहिश जगाया करेंगे
ये चांद से मुखड़े पे
 चांदनी के श्रृंगार में खो जाया करेंगे।

सुंदर गीतों से अब सरोकार है
शिकवे कोई न हो ऐसा पैगाम आए
किस्मत की लकीरें ऐसे बने 
खुशबू हर गली हर मुकाम आए

आपके कुशलक्षेम से हम प्रसन्न है
आपके गीतों में समाते तो आनंद का आभास होता।
तीन दिनों से कोई प्रकाश न हुआ
स्याही की कमी या कलम छूने का मन हुआ।

घने जुल्फों में चेहरा ऐसी चांदनी बिखेर रही ।
शीतलता दे गई  छाव बनके इस कड़कती  धूप में।

आपने सजा दिया जिन नग्मो को ,
प्यार का वह तोहफा बन गया।

धड़कनों की धड़कन धक धक हो रही ।
आंखों से जब आंखे मिली तो मोहब्बत हो गई।

क्या तीर है तलवार है नैन आपके
माथे की बिंदिया क्या पाजेब के झंकार है नैन आपके ।
चंद्रमा सा मुख ,चांदनी सी देह के अनुपम श्रृंगार है
नैन आपके 
नीरस से जीवन में रस बरसाते है
मधु के भंडार है नैन आपके।

तेरी चाहत में दिन रात का होना भुला गए,
पूछा हवाओं घटाओ से तेरा हाल,
 अपना हाल भुला गए।
तेरे लव की एक मुस्कान की आश में ,
 जीवन जीना ही भुला गए ।

महबूब बन जाय तो बात बन जाय
कहने का इंतजार न कर ,
आंखो की भाषा पढ़के समझ जाय।

सर्द मौसम में ,
 सूर्य की किरणों का प्रभाव खास है।
क्या करेंगी सर्दी जहां ,
इश्क की गर्मी से लवो लुआब है ।

S की सांझ बेला  
प्रकृति की प्रांगण में , नजरे दूर दिशा को निहार रही,
सूर्य अस्ताचल जाने की तैयारी में ,
 आकाश का क्षितिज से मिलन हो रहा है 
जैसे नायक नायिका का चुम्बन हो रहा है
स्वर्णिम रंग बिरंगी इंद्रधनुषी रंग में गगन नहा रहा है, 
नायिका फूले नहीं समा रही है,
खगो की कलरव से गगन गुंज्यामान है, 
S के कर्न में मिश्री घोल रहे है ,
मुस्कुरा रही , खगों की सुंदर ध्वनि का आनंद ले रही, 
मग्न है यह सांझ बेला का स्वर्णिम पल है।
नायिका नहा रही बिन बादल के बरसात में ,    खिलखिला रही।

रेशमी जुल्फो की अठखेलियां ,
चेहरे पे चार चांद लगा रही है।
लट लटक रहे,कपोलों को छू रहे,
 यू मोहब्बत का अंदाजे इकरार है
शरबती आंखो से सजी मुखड़े  पे,  रेशमी जुल्फों का ऐसा प्यार है।

गीला शिकवा है तो  मिटा लो,
नैना नित पल पल  निहारती , 
दरवाजे के बेल का इंतजार करती
आ जाओ, अपने  घोसले में 
नैनो को दर्श करा जा 
 या सपनो में ही सुला जा।

इश्क इबादत है ,  इसका इलाज न ढूंढा जाय।
रूह का रिश्ता है, दिल से दिल बतियाय ।।


मुस्कान आ जाय तो,
 दिलो पर प्यार लिखा जाता है ।
तुम्हारा यू मुस्कुराना ,
 प्यार का खूबसूरत पैग़ाम है ,
दिल चले चला  सुनसान में ,
जहां प्यार में कोई दस्तक न दे,
 हवा भी पहुंचे तो इजाजत ले ।

नाजुक  दिल को नाजुक संदेश कलम से दे रहा है,
शब्दो का दबाव , मोम से नाजुक दिल पे न आए ,
प्यार करते है , कहने को, कलम का इस्तेमाल कर रहे है।

 अजनबी है, लगता अजनबी  ही रहेंगे।
यादों की माला में एक एक कढ़ी जोड़ेंगे ।
सुहाने सफर पर हमसफर बनेंगे ,
प्यार किया है , प्यार ही करेंगे।

तुम्हारा हवा बनके यू गुजरना , 
 कुछ आभास तो कराती  है,
तुम दिखो या न  दिखो ,
तुम्हारी याद से ही खुशबू आती है।
  
मोहब्बत मोहब्बत है, 
 केवल मोहब्बत है ।
दिल के हर क्षेत्र पर हुकूमत है ।
बिक  गए है इस बाजार में 
चाहे पाक है या नापाक है।।
  
वो परवाना ही क्या   जो महफ़िल में आग न लगा दे।
हर दिल में चिंगारी बनके जले ,
 बुझाए  तो लौ बन के जल उठे।

तुझे फूल भेजू या इश्क का रूल भेेजू
ये प्यार का मौसम है, दिल कहता है
 खुशियां तुम्हारे आंचल ऐसा भर दू,
लव लहराए ,गगन में शोर मच जाए।
 
दिल में ऐसी लग्न है मन मग्न है , 
दुहाई उस प्यार की, ऐसा सुकून है,
जन्नत की खुशी का हर एक सीन है,
 ये एकांत भी सबसे हसीन है। 

यार हो,  दिलदार हो , प्यार हो
खिलखिला , चमन को सजाओ
मुस्कुराओ, मधु को टपकाओ
जिसे खा के प्रफुल्लित हो जाय
ऐसा दिलदार हो, प्यार हो, यार हो।

तारो की छाव में , विस्तर लगा दू
दिन की थकान , उसपे मिटा दू ।
सर्द रात में आलावा  जला दू,
बाधा न हो कुछ भी , गहरी नींद में सुला दू।
तारो की छाव में विस्तार लगा दू।

सर्द मौसम में , धूप का कमाल है,
दिखा दुज का चांद , चांदनी के संग
शीतल कर गया मन, बेमिसाल हो ।

चांदनी रात में , झील के किनारे ,
पलकों की छाव में, 
बाहों के आगोश में ,
तुम्हे देखता रहूं , तुम्हारे बालों को सवारता रहूं ,
ये  वक़्त रुक जा यही ,
महबूब को देखता रहूं , निहारता रहूं। 

मृगनैनी  निगाहें बयां कर रही ,
 दिल में सिग्नल बारम्बार कर रही ,
 ये नैना है जो नैनो में बस गई ,  
दिल के आसिए में घर कर गई।

लव मुस्कुरा रहे  प्यार बढ़ा रहे,
ये असीम आभा ,हर दिल की  शोभा बढ़ा रहे ।

कुछ यूं लग रहा है , मेघ को संदेश हो रहा है।
बारिश की बूंदों में जिया का ख़त आ रहा है।

सनम कह दू कसम से निभा लेना।
तेरी जुल्फों को सवार दू, 
तेरी नैनो में अपना आसिया बना लू।

तुम्हारे प्यार का इस कदर असर है  
 यू मचलने से बिजली कड़क जाती है
हम तो है इस इंतजार में,
 कुछ यूं कर, बिन बादल के, 
 झामझम बारिश हो जाय।

दिल का पागलपन समझ,
इस बात की खबर रख,
नींद में भी जागता ,
तुम पे ही मरता ।


कांटो के बीच खिल रहा गुलाब,
भवरे आ रहे मिटानी अपनी प्यास 
इश्क किया तो कांटो की परवाह कहां, 
 रस पान किया तो, मधु बिखेर दिया।

रात का शमा , चांदनी का पहरा,
आगोश में न बंध रहा,
 महबूबा की यादों का सेहरा ।

मुस्कुराना जरूरी है।
बेवजह मुस्कुरा रहा हूं, जिंदगी को सवार रहा हूं।
इन लंबे जिंदगी के रास्ते को घटा रहा हूं। 

मुस्कुराकर  उदासी के सबब को मिटा रहा हुं ।
इश्क के धोखे को धुएं में उड़ा रहा  हूं 
बेवजह मुस्कराकर नए मंजिल पे सीढ़ी लगा रहा हूं।

एक एक पल गिन रहा हुं
तेरे रास्ते पे निगाहे किए खड़ा हूं ,
ख्वाबों में आने की आहट पर भी,
 कड़ कड़ पर फूल बिछा रहा हूं।

आपका यू  मसगुल होकर बेखबर होना 
धड़कनों को बढ़ा देता है।
आपको ढूंढते ढूंढते , 
आंखो में आपकी तस्वीर बन गई।

मगरूर  है या मशहूर है आदाए
दिलकश जज्बे प्यार की मशाल है।
ये मोहब्बत है, जल जाएंगे जलाएंगे नहीं।

महक गुलाब से खिलखिला उठोगे
तशरीफ तो लाइए,  
राह में फूल क्या, ❤️ बिछा देंगे।

चाहत को चाहत रहने दो ,
आंखो से जाम छलकने दो।
इश्क के खुशगवार पल जाया न करो
चार चांद बगिया में लग जाने दो।

बिछड़कर ख्वाहिश आंखो से दिल में उतर गया।
अब तो ख्वाबों पर भी तुम्हारा ही पहरा है।

निगाहों का इशारा दिल के पार हो गया।
धड़कने बढ़ने लगी, ये मोहब्बत तो नहीं।

मोहब्बत ने दोस्ती से पूछा 
 मेरे रहते तुम्हारा है क्या काम ।
 दोस्ती ने मोहब्बत को दिया जबाव
मै उन लवों की मुस्कुराहट हूं 
जिनकी आंखो में तुम आंसू छोड़ जाते हो।

कैसे कहूं इश्क के किस कदर बेताब हूं मैं, 
आंखों से आंखे मिलाके ,चुरा लूं ख्वाब तेरे।

आपका यूं बेखबर होना देखा न गया 
हमने दिल के दरवाजे खोल दिए ।

ये चेहरे का नूर रूहानियत की जान है।
इसमें खो जाने का दिल करता है।

चांदनी रात में चांद चमक रहा ,
चकोर की इकटकी  निहारना  क्या खास है।
ये तो आपका चांद पर होने का एहसास है।

पर्दा है पर्दा , परदे में बैठे नाजनी
इश्क की अलंबरदार है ,
परदे से बाहर तो आए रास्ते में खिदमत के तलबगार है।

बड़ी आरज़ू थी, मुलाक़ात की.
रुक जाओ  ऐ बसंती बहार ,
जुल्फो से घटा न बना ,
जी भर के देखू , 
ऐ चंद्र मुख दे दे ,निहारने  को बार बार।

दिलरुबा वो, जिसका कब्जा दिल की हर धड़कन पर ,
उफ , कयामत से कयामत तक है न जिसका घरौंदा।
ये सपनो की रानी  कब आओगी,
तुम्हारी राह में,  पल पल बिछी है ये अखियां ।

आंखों में आंखे बस गई 
सुबह सुबह न रहा , शाम शाम ना,
ख्वाबों से हकीकत में आ जाओ
पूरा हो जाय सारा अरमां ।

जन्नत की पारी , कहा उड़ चली,
 गमों का दौर भी आए
तो भी मुस्कुरा के जिओ
जन्नत में है हूररो का वास
जो खुशबू भरे हर एक सांस।

इश्क  ने इश्क से कहा , ठहर जा इश्क 
दिल की गहराईयों  में उतर जा, 
ख्वाबों पर किसका बल है,
पल दो पल की क्या बात ,
पहर दो पहर पर तो , 
कब्जा मेरा ही है।

अंदाजे बयां , इश्क से सराबोर है
आंखो ने आंखो से कह दिया 
और दिल में उतर गए ।

बिन रंग जो रंग जाय , 
मन मग्न हो  जाय , 
दिल में ललक रह जाय, 
 सदियों तक जो रंग न जाय,
वो एहसास के रंग में रंग जाय।।

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